West Bengal

ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी की नहीं कम रही मुश्किलें, हाईकोर्ट ने भी नहीं दिया साथ

 

डेस्क: कोयला घोटाला से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी और उनकी पत्नी रूजीरा बनर्जी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। बता दें कि ईडी द्वारा बार-बार किए जा रहे समन के खिलाफ राहत प्रदान करने के लिए अभिषेक बनर्जी ने कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर किया था। लेकिन कोलकाता हाईकोर्ट ने इस विषय में उन्हें राहत प्रदान करने से साफ तौर पर इंकार कर दिया।

कोलकाता हाईकोर्ट ने किया याचिका खारिज

दरअसल सीबीआई द्वारा पश्चिम बंगाल राज्य में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के लीज होल्ड क्षेत्रों से अवैध कोयला खनन करने के अपराध में एक एफ आई आर दर्ज की गई थी इसी संदर्भ में पूछताछ के लिए ईडी ने कई बार अभिषेक बनर्जी व उनके पत्नी रूजीरा बनर्जी को समन भेजा। इस से राहत पाने के लिए अभिषेक बनर्जी ने कोलकाता हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की थी जिसे न्यायाधीश योगेश खन्ना द्वारा खारिज कर दिया गया।

न्यायाधीश ने ईडी से मांगा लिखित जवाब

हालांकि न्यायधीश ने अभिषेक बनर्जी व ईडी के वकील के तर्कों को सुनने के बाद इस विषय में ईडी को एक लिखित जवाब देने का आदेश दिया है। इस मामले में अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख 27 सितंबर को तय की है। बीते दिनों 6 सितंबर को ही अभिषेक बनर्जी ईडी के पूछताछ के लिए दिल्ली में ईडी के मुख्यालय में उपस्थित हुए थे। उनकी पत्नी वजीरा को भी 5 सितंबर को दिल्ली में उपस्थित होने के लिए कहा गया था लेकिन अपने बच्चों का हवाला देते हुए उन्होंने दिल्ली आने में असमर्थता जताई थी।

बंगाल में ही जांच करने की हुई मांग

कोलकाता हाई कोर्ट में याचिका दायर करने के बाद अभिषेक बनर्जी के वकील का दावा था कि अभिषेक बनर्जी और उनकी पत्नी के नाम न तो सीबीआई द्वारा दर्ज किए गए एफ आई आर में है और न ही ईडी द्वारा दिल्ली में दर्ज किए गए शिकायत में है। ऐसे में उनका कहना है कि ईडी द्वारा बार-बार समन भेजे जाने पर रोक लगाना चाहिए और इस संबंध में जो भी जांच करनी है वह बंगाल में ही होनी चाहिए।

सीमित क्षेत्र में नहीं हो सकती जांच

अभिषेक बनर्जी के वकील के ऐसे दावों का विरोध करते हुए ईडी के वकील ने अपना तर्क रखा। ईडी के वकील का कहना है कि मनी लॉन्ड्रिंग का राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव पड़ता है ऐसे में इसकी जांच किसी थाने अथवा सीमित क्षेत्र में नहीं हो सकती। उनका कहना है कि ताश के लिए अभिषेक बनर्जी व उनकी पत्नी रुचिरा बनर्जी को दिल्ली ही आना होगा।

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