West Bengal

बाबुल सुप्रियो पर बरसे शुभेंदु अधिकारी, कहा- भाजपा को नहीं हुआ कोई नुकसान

 

डेस्क: बीते दिनों बाबुल सुप्रियो के अचानक टीएमसी में शामिल होने के बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा के विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें आड़े हाथों लिया। दरअसल केंद्रीय मंत्रिमंडल में विस्तार के बाद बाबुल सुप्रियो को मंत्री पद ना दिए जाने से वह दुखी थे। मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद ही उन्होंने सार्वजनिक रूप से राजनीति से संन्यास लेने का फैसला लिया था लेकिन 8 सितंबर के दिन अचानक अभिषेक बनर्जी की उपस्थिति में उन्होंने टीएमसी की सदस्यता ले ली।

इस विषय पर बात करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि इससे भाजपा को कोई नुकसान नहीं हुआ है। साथ ही उनका कहना है बाबुल सुप्रियो को तुरंत संसद की सदस्यता से इस्तीफा दे देना चाहिए। बता दें कि जल्द ही टीएमसी की तरफ से बाबुल सुप्रियो को राज्यसभा का टिकट दिया जा सकता है। टीएमसी की राज्यसभा सांसद अर्पिता घोष ने हाल में ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसी सीट से बाबुल सुप्रियो को राज्यसभा भेजा जा सकता है।

पहले जानकारी देनी चाहिए थी: शुभेंदु

शुभेंदु अधिकारी का कहना है कि टीएमसी में शामिल होने से पहले बाबुल सुप्रियो को इस बात की जानकारी भाजपा को देनी चाहिए थी लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। टीएमसी में शामिल होने के अपने फैसले का समर्थन करते हुए बाबुल सुप्रियो ने कहा कि राजनीति से संन्यास लेने का उनका फैसला गलत था जैसे ही उन्हें इस बात का आभास हुआ, वह बंगाल की जनता के लिए काम करने के लिए टीएमसी में शामिल हो गए।

शमिक ने बाबुल को बताया अवसरवादी नेता

पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता शमिक भट्टाचार्य के अनुसार बाबुल सुप्रियो एक अवसरवादी नेता हैं। उनके अनुसार केंद्रीय मंत्रिमंडल में विस्तार के बाद मंत्री पद ना मिलने पर बाबुल ने पार्टी का साथ छोड़ दिया। शमिक ने बाबुल पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह केवल केंद्रीय मंत्री के पद के लिए ही पार्टी में थे। पद से हटाने के बाद ही उन्होंने पार्टी बदल ली। बता दें कि वह पिछले 7 वर्षों से प्रधानमंत्री मोदी के केंद्रीय मंत्रिमंडल का हिस्सा रह चुके हैं।

ममता कर सकती है बाबुल का उपयोग

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि टीएमसी में शामिल होने के पीछे बाबुल का अपना स्वार्थ है वहीं बाबुल को टीएमसी में जोड़ने के पीछे ममता बनर्जी का स्वार्थ है। आने वाले लोकसभा चुनाव में वह बाबुल सुप्रियो का उपयोग राष्ट्रीय राजनीति में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाने के लिए कर सकती है। 7 वर्षों तक केंद्रीय मंत्रिमंडल में हिस्सा रहने के कारण उनका अनुभव ममता बनर्जी के काम आ सकता है।

सोमवार को ममता से मिलेंगे बाबुल

18 सितंबर को बाबुल सुप्रियो ने ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी व टीएमसी नेता डेरेक ओ ब्रायन की उपस्थिति में टीएमसी की सदस्यता ली। उनका कहना है कि टीएमसी में शामिल होकर वह काफी उत्साहित है और अब वह ममता बनर्जी के साथ मिलकर बंगाल के लोगों का भला करना चाहते हैं। पार्टी में शामिल होने के बाद सोमवार को पहली बार उनकी ममता बनर्जी के साथ मुलाकात होने वाली है,

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