
डेस्क: बिहार के दरभंगा के सांसद डॉ. गोपालजी ठाकुर बीते दिनों कोलकाता के दौरे पर आये हुए थे। इस दौरान वह हावड़ा में विद्यापति जनकल्याण चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित बाबा विद्यापति के 10वें वार्षिकोत्सव समारोह में सम्मिलित हुए।
सांसद डॉ ठाकुर ने कहा कि महाकवि बाबा विद्यापति मिथिला ही नही अपितु संपूर्ण विश्व के धरोहर और भारतीय संस्कृति के पुरोधा थे।
मिथिला क्षेत्र में हो रहा ऐतिहासिक विकास कार्य
इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के दौरान मिथिला क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों को गिनवाया। सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी मिथिला के लोगों एवं यहाँ की संस्कृति से अगाध प्रेम करते है। श्री ठाकुर के अनुसार आज मिथिला क्षेत्र में वह सभी ऐतिहासिक विकास कार्य हो रहे हैं जिसकी कल्पना भी कभी मिथिलावासियों ने नहीं किया था।
गिनवाई मोदी सरकार की उपलब्धियां
उन्होंने कहा आज मिथिला के दरभंगा में एम्स, एयरपोर्ट, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, तारामंडल, आईटी पार्क, आमस- दरभंगा एक्सप्रेस वे सड़क, दरभंगा रेलवे स्टेशन को अंतरराष्ट्रीय स्टेशन बनाने, कोसी रेल महासेतु , जयनगर कुर्था नई रेल लाइन प्रारंभ करने, उच्चैठ भगवती से महिषी तारा भगवती को जोड़ने हेतु देश का सबसे लंबा पुल एवं सड़क निर्माण, राम जानकी सर्किट, पूसा एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय को केंद्रीय विद्यालय का दर्जा देने, पुनौरा धाम का सौंदर्यीकरण, अयोध्या से जनकपुर रामायण सर्किट से जोड़ने, दरभंगा- समस्तीपुर रेल दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण, मखाना के विकास हेतु दस हजार करोड़ रुपये देने, सीबीएसइ पाठ्यक्रम में मैथिली को शामिल करने सहित कई ऐतिहासिक कार्य इस एनडीए शासनकाल में हो रहा है।
कांग्रेस की सरकारों ने मिथिला क्षेत्र के साथ किया सौतेला व्यवहार
सांसद ने जोर देकर कहा कि मिथिला का विकास सिर्फ एनडीए के शासन काल में ही हुआ है। पूर्व की कांग्रेस सरकारों ने मिथिला क्षेत्र (उत्तर बिहार) के साथ हमेशा सौतेला व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि जब अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री बने थे तो उन्होंने मैथिली को संविधान की अष्टम अनुसूची में शामिल करने का ऐतिहासिक कार्य किया था। इसके अलावा कई दशकों से दो भागों में विभक्त मिथिला को कोशी महासेतु बनाकर जोड़ने के कार्य की नींव भी रखे थे। सांसद ने कहा कि जिस फोर लेन एनएच सड़क ने मिथिलावासियों के जिंदगी को आसान बना दिया है, वह भी वाजपेयी जी की ही देन है।