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दो बार चुनाव हार चुकी है प्रियंका, फिर भी ममता के खिलाफ BJP ने उतारा, जानिए क्या है वजह

 

डेस्क: पेशे से वकील प्रियंका टिबरेवाल को भारतीय जनता पार्टी के पश्चिम बंगाल इकाई ने भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी के खिलाफ उतारने का फैसला किया है। भवानीपुर सीट पर होने वाले उपचुनाव की जनता का खास दिलचस्पी है। क्योंकि इस बार भी हारने के बाद ममता बनर्जी को अपना मुख्यमंत्री का पद छोड़ना पड़ेगा। यदि ममता बनर्जी जीतती है तभी वह मुख्यमंत्री पद पर कार्यरत रह सकेंगी।

बंगाल में सत्ता में आने की लालसा रखने वाली भारतीय जनता पार्टी का यह अंतिम मौका है। यदि वह इस बार ममता बनर्जी को मुख्यमंत्री बनने से रोक सकते हैं तो यह बंगाल की राजनीति में तख्तापलट की निशानी होगी। ऐसे में हो सकता है कि भाजपा के आलाकमान में प्रियंका टिबरेवाल को कुछ सोच समझकर ही ममता बनर्जी के खिलाफ उतारने का फैसला लिया हो।

भाजपा के फैसले का किया जा रहा विरोध

प्रियंका टिबरेवाल को ममता बनर्जी के खिलाफ उतारने के भाजपा के फैसले का कई कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध किया जा रहा है। इसके पीछे की वजह प्रियंका का 2 चुनावों में खड़ा होना लेकिन उनमें हार जाना है। बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 में भी भाजपा ने प्रियंका टिबरेवाल को पश्चिम बंगाल के एंटली सीट से उतारा था। लेकिन इस चुनाव में वह टीएमसी के उम्मीदवार स्वर्णा कमल से लगभग 58 हजार वोटों से हार गई थी।

सुप्रीम कोर्ट की है वकील

प्रियंका टिबरेवाल का जन्म 1981 को कोलकाता में हुआ था। उन्होंने अपने प्राथमिक शिक्षा कोलकाता से ही प्राप्त की। इसके बाद स्नातक की डिग्री के लिए वह दिल्ली विश्वविद्यालय में भर्ती हो गई। लॉ की डिग्री उन्होंने कोलकाता विश्वविद्यालय के हजरा लॉ कॉलेज से 2007 में हासिल की थी। इसके साथ ही उन्होंने थाईलैंड के एक विश्वविद्यालय से एमबीए भी किया है। वह कोलकाता हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की वकील भी सुप्रीम कोर्ट की वकील भी हैं।

बाबुल सुप्रियो के कहने पर भाजपा की सदस्यता ली

सुप्रीम कोर्ट में वकील होने के अलावा वह बाबुल सुप्रियो की कानूनी सलाहकार भी रह चुकी हैं। बाबुल सुप्रियो के कहने के बाद ही अगस्त 2014 में उन्होंने भाजपा की सदस्यता ली थी। भाजपा की सदस्यता लेने की एक साल बाद ही उन्हें कोलकाता नगर परिषद के चुनाव में उम्मीदवार बनाया गया। लेकिन वह यह चुनाव हार गई। इसके अलावा वह पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 में भी एंटली सीट से हार चुकी हैं।

सलाह लेकर बनाया गया उम्मीदवार

वर्तमान में प्रियंका पश्चिम बंगाल भारतीय जनता युवा मोर्चा की उपाध्यक्ष हैं। प्रियंका से जब भाजपा द्वारा ममता बनर्जी के खिलाफ उम्मीदवार बनाए जाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पार्टी ने उनसे सलाह लेकर और उनकी राय लेकर ही उन्हें ममता बनर्जी के खिलाफ भवानीपुर सीट से उम्मीदवार घोषित किया है।

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