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कितनी संपत्ति की मालकिन है ओलिंपियन मीराबाई चानू, कितनी है उनकी कुल संपत्ति?

डेस्क: टोक्यो ओलंपिक में 27 वर्षीय भारतीय वेट लिफ्टर मीराबाई चानू ने रजत पदक जीतकर पूरे देश का सर गर्व से ऊंचा कर दिया। मीराबाई ने 49 किलोग्राम वर्ग में कुल 202 किग्रा वजन उठाकर दूसरा स्थान हासिल किया। इससे पहले भी उन्होंने कॉमनवेल्थ एवं विश्व चैंपियनशिप खेलों में अनेक पदक जीतकर अपने नाम किए हैं।

मीराबाई का जन्म मणिपुर की राजधानी इंफाल में 8 अगस्त 1994 को एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था। अपनी प्राथमिक शिक्षा इन्होंने वहीं से प्राप्त की थी। बचपन से ही मीराबाई की रूचि खेलों की तरफ अधिक रही है।

पहले भी जीत चुकी हैं कई पदक

इतनी कम उम्र में ही मीराबाई चानू ने वेट लिफ्टिंग में कई पदक जीते हैं। सबसे पहले उन्होंने 2014 में ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम में 48 किलो वर्ग में कुल 170 किलो लिफ्ट दर्ज कर रजत पदक जीता। इसके बाद उन्होंने 2017 में कैलिफोर्निया के अनाहेम शहर में हुए विश्व चैंपियनशिप में 48 किलो के वर्ग में एक स्वर्ण पदक जीता। इसी प्रकार मीराबाई 2018 के कॉमनवेल्थ गेम में फिर से एक बार स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बनी।

खेल में मीराबाई चानू के शानदार प्रदर्शन को देखते हुए भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें “पद्मश्री” पुरस्कार से सम्मानित किया।

Mirabai Chanu Padmshri

रियो ओलंपिक में हुई थी हार

2016 में हुए रियो ओलंपिक मीराबाई को हार का सामना करना पड़ा था। रियो ओलिंपिक में कोई भी पदक न जीत पाने पर मीराबाई चानू पूरी तरह से टूट चुकी थी। यहां तक कि अपनी इस निराशा से बाहर निकलने के लिए उन्हें एक मनोवैज्ञानिक से भी परामर्श करना पड़ा था। दरअसल उस दौरान 48 किलोग्राम वर्ग में क्लीन एंड जर्क में तीनों प्रयासों के बाद भी वह सफल लिफ्ट दर्ज करने में असफल रही थी। लेकिन अपनी निराशा भरी स्थिति से बाहर निकलने के बाद उन्होंने यह ठान लिया कि अगली बार वह पदक जीतकर ही रहेंगी।

टोक्यो ओलंपिक में रजत पदक जीतकर पूरा किया सपना

टोक्यो ओलंपिक में 49 किलोग्राम वर्ग में कुल 202 किलोग्राम लिफ्ट दर्ज करके चानू ने रजत पदक जीतकर अपना सपना पूरा किया। ओलंपिक में उनके सेलेक्शन के बाद ही एक साक्षात्कार हुआ था जिसमें उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा था कि वह 2020 के टोक्यो ओलंपिक में पदक जरुर जीतेंगी। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि रियो ओलंपिक में हुई हार से उन्हें काफी अच्छा खासा अनुभव हो गया था।

करोड़ों की संपत्ति की मालकिन है मीराबाई

सूत्रों के मुताबिक मीराबाई चानू की कुल संपत्ति अगस्त 2001 में लगभग 5 करोड़ हो चुकी है। टोक्यो ओलंपिक 2001में जीत हासिल करने के बाद चानू को भारत व राज्य सरकार, रेल मंत्रालय, बीसीसीआई एवं नामी कम्पनियों द्वारा बहुत सारे इनाम दिए गए। अलग-अलग प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर जीत दर्ज करने से मीराबाई की सालाना आय 50 लाख से बढ़कर 60 लाख हो चुकी है।

जीत चुकी है कई इनाम

अपने शानदार प्रदर्शन से मीराबाई अक्सर ही किसी ना किसी इनाम की पात्र रही हैं। 2017 में लॉस एंजेलिस के अनाहेम शहर में हुए वर्ल्ड वेट लिफ्टिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने के बाद मीराबाई को मणिपुर सरकार की तरफ से इनाम के रूप में लगभग 20 लाख रुपय मिले थे। सिर्फ इतना ही नहीं, भारत सरकार की ओर से भी 50 लाख रुपए का इनाम मीराबाई के लिए जारी किया गया था। टोक्यो ओलंपिक 2020 में रजत पदक जीतकर दूसरा स्थान हासिल करने पर फिर से मीराबाई चानू को भारत व राज्य सरकार, रेल मंत्रालय, नामी कम्पनियों, एवं बीसीसीआई द्वारा बहुत सारे इनाम प्राप्त हुए हैं।

अपनी जीत के लिए सरकार और कोच को दिया धन्यवाद

मीराबाई ने अपनी जीत के लिए भारत सरकार व अपने कोच विजय शर्मा को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने इस मुकाम तक पहुंचने में मीराबाई की बहुत मदद की है। आपको बता दें कि विजय शर्मा भारत के एक प्रसिद्ध वेट लिफ्टर कोच, एथलीट एवं सरकारी कर्मचारी हैं जिन्होंने मीराबाई के अलावा भी कई खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया है। कोच विजय शर्मा ने भी केंद्र सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि पिछले 5 वर्षों से सरकार के निरंतर समर्थन के कारण ही मीराबाई टोक्यो ओलंपिक में इतना अच्छा प्रदर्शन कर पाई है।

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